कोरोना वायरस कोई नई वायरस नहीं है। इसके बारे में तो पहले से ही पता था।

Coronavirus -
कोरोना वायरस कोई नई वायरस नहीं है।इसके बारे में तो पहले से ही Lucents किताब में दिया हुआ है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी चैप्टर में page no 472 देख लीजिए।  सोर्स का जो वैक्सीन होगा वहीं वैक्सीन काम करेगा इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए
कोरोना वायरस का इलाज -
चीन से निकला कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया में महामारी के रूप में फैल चुका है। कोरोना वायरस से पूरी दुनिया परेशान है इस बारे में आपकी क्या राय है। इस खतरनाक वायरस से अबत 8 हजार से ज्यादा जान जा चुकी है भारत में भी कोरोना के मरीजों की संख्या 200 के पार हो गई है इस बीच वायरस पर शोध कर रहे भारतीय वैज्ञानिकों के हाथ बड़ी सफलता लगी है |
भारतीय वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस के स्ट्रेन्स (अलग-अलग रूप) को अलग कर लिया है।जिससे  कोरोना वायरस को लेकर दवाई और टीके बनाने में मदद मिलेगी ये सफलता इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों को मिली है आईसीएमआर के वैज्ञानिक काफी समय से कोरोना वायरस पर काम कर रहे थे |
बताया जा रहा है कि वैज्ञानिकों की ये खोज से कोरोना वायरस के रोकथाम में काफी मददगार साबित होगी कोरोना वायरस के स्ट्रेन्स को अलग करने से वायरस की जांच के लिए किट बनाने में भी काफी मदद मिलेगी यही नहीं इससे किट बनाने, दवा का पता लगाने और टीके का शोध करने में काफी मदद मिल सकेगी |
जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस को लेकर अभी तक कुल चार देशों को ये कामयाबी मिली है जिनमें अमेरिका, जापान, थाईलैंड और चीन आदि शामिल हैं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आईसीएमआर पुणे की वैज्ञानिक प्रिया अब्राहम का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर भारत ने अभी पहला चरण पार कर किया है |
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